दोस्ती… एक आम शब्द, लेकिन बेहद ख़ास एहसास

दोस्ती शब्द तो बहुत आम सा लगता है
लेकिन मायने इसके काफी गहरे से हैं
कहने को तो मन की बात कहने का जरिया है
लेकिन कुछ दोस्त सच में जीवन के गहने से हैं
क्यों हर खून का रिश्ता दोस्ती का नहीं होता
मगर हर दोस्ती का रिश्ता न जाने क्यों अपना सा लगता है
दोस्त तो जीवन के वो सच्चे से मोती हैं
जिनके बिना ज़िंदगी के मायने अधूरे से लगते हैं
मत खो देना इन्हें कभी भी दुनिया की इस भीड़ में
जब कुछ और पास न होगा तब यही रह जाएंगे तक़दीर में
भले ही हर रोज़ बात करना या मिलना हमेशा मुमकिन नहीं
पर दिल के क़रीब रखोगे तो हर सफर ही खुश और रंगीन होगा
ये ऊंचे मकान, गाड़ियाँ और पैसा तो एक दिन यहीं रह जाना है
ज़िंदगी की असली कमाई तो इन अनमोल रिश्तों को पा जाना है
– आस्था कोचर
हैप्पी फ्रेंडशिप डे! 💕

It’s a wonderful take on friendship! Amazingly penned, Aastha. I’m looking forward to reading your next one. 😃